कानपुर जोन

UP से ग्राउंड रिपोर्ट,क्वारंटीन सेंटरों से भागने वाले सबसे पहले बनेंगे अपनों के लिए कोरोना बम

घर के नजदीक पहुंचकर आश्रयस्थलों पर रोके गए प्रवासी गुपचुप तरीके या तो केंद्रों से खिसक रहे हैं या फिर घर से आना जाना बना हुआ है। कई केंद्रों पर एकांतवास में रखे गए लोग भाग गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे लोग ही सबसे पहले अपने घर के लिए कोरोना बम साबित होंगे। कुछ जगहों पर अव्यवस्थाओं की शिकायत मिल रही है, तो कुछ जगहों पर हंगामा भी हो रहा है। हालांकि हर केंद्र पर प्रशासनिक अफसर यह समझा रहे हैं कि उन्हें ऐसे केंद्रों पर रोकना का मकसद उनकी ही भलाई है। हालांकि अबतक केंद्रों से भाग जाने वालों को खिलाफ ज्यादा मुकदमे दर्ज नहीं किए गए हैं।

PHOTO CREDIT-AMAR UJALA

कानपुर देहात में में बनाए गए 1202 क्वारंटीन सेंटरों से शुक्रवार को 497 लोग भागे निकले। इन सेंटरों में अब 1340 लोग बचे हैं। महोबा के ग्राम पुन्नियां के क्वारंटीन केंद्र से शुक्रवार को एक महिला जबरन बेटे और भतीजे को हंगामा करके ले गई। यहां के एक केंद्र से 10 प्रवासी श्रमिक खिसक गए। वहीं बांदा में 280 पलायित मजदूरों का जिला अस्पताल के आइसोलेशन विभाग में डाक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। इनमें 59 क्वारंटीन सेंटर से लाए गए और 221 महानगरों से लौटे हैं। आज लौटे मजदूरों को क्वारंटीन सेंटरों में भेजा गया। उधर, जिले में 36 क्वारंटीन सेंटर में रखे गए मजदूरों की संख्या बढ़कर 7536 हो गई। राजकीय मेडिकल कालेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती 15 लोगों की निगरानी जारी। लॉकडाउन में अब बाहर से आने वालों का सिलसिला थम सा गया है। क्वारंटीन सेंटर से भागने के मामले में शुक्रवार को कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। जबकि जनपद के विभिन्न क्वारंटीन सेंटर से 77 लोगों के भाग जाने की सूचना है।

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