बिहार

एनटीपीसी के अधिकारियों के दादागिरी के खिलाफ होगा जन आंदोलन

एनटीपीसी के अधिकारी अपने आप को सबसे ऊपर समझते हैं। तभी तो जिला प्रशासन के आदेश के बावजूद थर्मल पावर के दूषित पानी व छाई से प्रभावि सैकड़ो किसानों को 3 माह बाद भी क्षति का मुआवजा नहीं मिला है। थर्मल पावर के अधिकारी इन दिनों मनमानी पर उतारू है। ये न तो जनप्रतिनिधि का सम्मान करते हैं,और न ही स्थानीय आम आमवा का। इनके मनमानी का आलम यह है की अधिकारियों के सगे संबंधी प्लांट में नौकरी कर रहे हैं वहीं स्थानीय बेरोजगार युवक रोजगार के अभाव में मुख्यधारा से विमुक्त हो गलत रास्ते पर जा रहे हैं। इतना ही नहीं इस प्लांट से हो रहे प्रदूषण तो कांटी के आम लोगों का जीना मुहाल कर दियाहै। जिसे बर्दाश्त करना अब कतई संभव नहीं है।


उक्त बातें रविवार को कांटी क्षेत्र के टरमा, मधुकरछपरा, सादिकपुर आदि गांवों में सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री अजीत कुमार ने कहा। उन्होंने कहा कि कहने को इस क्षेत्र में थर्मल पावर है, लेकिन यह प्लांट स्थानीय लोगों के लिए पूर्णता: अभिशाप साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि इस प्लांट में प्रति माह दो- चार युवकों को रोजगार अवश्य मिलता है। लेकिन वे सब अधिकारियों के सगे संबंधी ही होते हैं। स्थानीय बेरोजगारो को योग्यता होने के बावजूद रोजगार देने से वंचित किया जा रहा है। जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले को संज्ञान में लेकर स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार में प्राथमिकता दिलाने का भी अपील किया।
मौके पर उपस्थित किसानों ने जंगली जानवरों के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए कदम उठाने की मांग उठाई। जिस पर पूर्व मंत्री ने लोगों से दिसंबर के प्रथम सप्ताह में जंगली जानवर के आतंक से मुक्ति के लिए निर्णायक आंदोलन प्रारंभ करने का एलान किया। उन्होंने बेरोजगार युवकों से अपील करते हुए कहा कि आप हमारे राष्ट्र के बड़े धरोहर हैं।आप अपनी ताकत व योग्यता सकारात्मक दिशा में उपयोग कर बेरोजगारी के खिलाफ संघर्ष करें। निश्चित सफलता मिलेगी।
सभा की अध्यक्षता क्रमशः राम लखन प्रसाद कुशवाहा, राहुल कुमार, मोहम्मद अमानुल्लाह ने किया। इस अवसर पर सभा को शैलेंद्र कुशवाहा, प्रभु पासवान, रविंदर यादव, प्रगाश राम, कमेश्वर पांडे, विक्की शाह, रामनरेश प्रसाद कुशवाहा, होरिल कुशवाहा, दिनेश कुशवाहा, मधुसूदन सिंह, आदित्य कुमार, राजेश मिश्रा, मिट्ठू साह, हरे राम साह, राजा ओझा, मोहम्मद सद्दाम, मोहम्मद आजाद, मोहम्मद हकीम, मोहम्मद इमरान आलम, मोहम्मद हैदर, मोहम्मद कलाम, मोहम्मद मुख्तार आदि ने संबोधित किया।

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