राजनीति

चुनाव से पहले सपा से गठबंधन को लेकर साफ इनकार- शिवपाल

लखनऊ  सपा से अलग हुए शिवपाल सिंह यादव ने भले ही अलग पार्टी का गठन कर लिया हो लेकिन आज भी कहीं न कहीं आज भी वो इस बात को लेकर व्यथित हैं । हालांकि इसके बावजूद वह यह कहने से नहीं चूके की चाहे कुछ हो जाये लेकिन उनकी पार्टी का सपा में विलय नहीं होगा।

दरअसल , शुक्रवार को एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे प्रगितशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव से जब पूछा गया क्या अभी भी समाजवादी पार्टी से समझौता होने की कोई गुंजाइश है। वह अपनी पीड़ा को रोक न पाए और उन्होंने अपनी तरफ से किये गए तमाम उपाय गिना डाले। लेकिन यहां उन्होंने गठबंधन की संभावनाओं को समाप्त नहीं किया ।

हमारी पार्टी जनाकांक्षाओं की प्रतीक के रूप में उभरी है और लोग हमें बीजेपी का विकल्प मानने लगे हैं।

दो अक्टूबर को विधानमंडल में सरकार की ओर से आयोजित गांधी जयंती कार्यक्रम में उनके शरीक होने के सवाल पर उन्होंने साफ किया कि गांधी सबके हैं, उन्हें दलीय दायरे के नही जोड़ना चाहिए। अन्य विपक्षी दलों के न शरीक होने पर उन्होंने उनकी अपनी सोच ठहराया। शिवपाल ने जोर देकर कहा कि बीजेपी सरकार ने देश प्रदेश को कंगाली की ओर धकेलने का काम किया है। हर मुद्दे पर फेल है।हर वर्ग परेशान है। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था आज जितनी ध्वस्त है, वैसी कभी नही रही। विकास ठप्प है। किसानों को गायों और वर्षा ने बर्वाद कर दिया है।

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