राजनीति

2021 में होने वाले राजनीतिक मैच 5-0 से जीतना चाहती है BJP

चुनावी राजनीति के लिहाज से देखें तो वर्ष 2020 में बिहार विधानसभा चुनाव हुए और इसमें जैसा कि माना जा रहा था कि भले पहले से कम सीटों के बावजूद बने लेकिन बनेगी एनडीए की सरकार ही, सो ऐसा ही हुआ। विपक्ष को यहां एक बार फिर मात खानी पड़ी। 2020 कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में ही बीत गया लेकिन 2021 में जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं उसको लेकर अभी से राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ने लगी हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी विधानसभाओं के कार्यकाल 2021 में अप्रैल से जून के बीच खत्म होंगे। इन राज्यों की सत्ता हासिल करने के लिए राजनीतिक दलों ने तो अभी से एड़ी-चोटी का जोर लगाना शुरू कर ही दिया है साथ ही चुनाव आयोग भी तैयारियों में व्यस्त हो गया है।

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पश्चिम बंगाल में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है और यहां भाजपा, तृणमूल कांग्रेस के 10 साल के शासन को खत्म करने के लिए काफी बड़े दांव लगा रही है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 42 संसदीय क्षेत्रों में से 18 पर जीत दर्ज की थी और वह पिछले कुछ वर्षों में यहां तृणमूल कांग्रेस की मुख्य प्रतिद्वंद्वी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं अगर असम की बात करें तो सत्तारूढ़ भाजपा का सीधे तौर पर मुकाबला कांग्रेस के साथ है जबकि तमिलनाडु की राजनीति सुपरस्टार रजनीकांत की घोषणा के बाद काफी दिलचस्प हो गई है। राज्य में पारंपरिक तौर पर मुकाबला द्रमुक और अन्नाद्रमुक के बीच रहा है लेकिन रजनीकांत ने घोषणा की है कि वह चुनाव लड़ने के लिए पार्टी का गठन करेंगे। केरल में तो मुकाबला माकपा के नेतृत्व वाले सत्तारुढ़ एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के बीच है। प्रभासाक्षी के खास साप्ताहिक कार्यक्रम ‘चाय पर समीक्षा’ में इन राज्यों के वर्तमान राजनीतिक हालात और राजनीतिक दलों की तैयारियों का विश्लेषण किया गया।

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