धर्म

काल भैरव शिव का रौद्र रूप माना जाता है,जानें

कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति भयमुक्त होता है और उसके जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाती है। मान्यता यह भी है कि इस दिन भगवान भैरव की पूजा करने से रोगों से भी मुक्ति मिलती है।

काल भैरव जयंती के दिन भगवान काल भैरव की पूजा की जाती है। भगवान काल भैरव को भगवान शिव का रौद्र रूप माना जाता है। हिंदू धर्म में काल भैरव जयंती सबसे शुभ दिनों में से एक माना गया है। इस दिन भक्त सुबह सूर्योदय से पहले उठते हैं और स्नान करते हैं।

इसके बाद भगवान काल भैरव का आशीर्वाद लेने के लिए विशेष पूजा की जाती है। काल भैरव जयंती को भैरव अष्टमी और भैरव जयंती के रूप में भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव के मंत्रों का जाप और काल भैरव कथा का पाठ करना चाहिए। इससे जीवन में सफलता और कामनाओं की पूर्ति होती है।

Related Articles