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कानपुर पुलिस की ये कैसी यारी,नौबस्ता पुलिस नही छोड़ पा रही गुंडे मफियाओं का मोह

अपराधी से यारी में भुला दिया आई०जी० मोहित अग्रवाल का आदेश

कानपुर। सूबे में  योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद से यूपी में अपराधियों पर शिकंजा लगातार कंसा जा रहा है । उत्तर   प्रदेश के मुख्यंमंत्री ने डीजीपी  को कड़े निर्देश दिया है कोई भी पुलिस या प्रशासन का अधिकारी किसी अपराधी बैठा या फोटो मिलने पर उस अधिकारी पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी। वहीं कानपुर की पुलिस प्रदेश के मुख्यामंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों को दरकिनार करती नजर आती ,इसके साथ पुलिस के आलाअधिकारी में पुलिस और अपराधियों  की करतूत पर आखें मूदे रहते है ।

पुलिस की ये कैसी कार्यवाही यारी,नौबस्ता पुलिस नही छोड़ पा रही गुंडे अपराधियों का मोह। ताजा मामला नौबास्ता का है जहां पीस कमेटी की बैठक में नौबस्ता की मित्र पुलिस ने गुंडे इमरान टैंकर को बैठक में शामिल किया ।गुंडा एक्ट की कार्यवाही करने वाली नौबास्ता पुलिस गुंडे के साथ कर रही है बैठक।

बीते कुछ दिनों पहले ही नौबस्ता इंस्पेक्टर कुंज बिहारी ने की थी इमरान टैंकर पर बडी कार्यवाही।अधिकारियों को गुमराह करने के लिए इंस्पेक्टर ने की थी इमरान टैंकर पर कार्यवाही। बैठक में इंस्पेक्टर और एसीएम आरपी वर्मा के साथ बैठा है दबंग इमरान टैंकर।शहर के कई पुलिस कर्मियों और अधिकारियों का खास है इमरान टैंकर। तेल चोरी के मामले में चर्चित हुआ था इमरान टैंकर।सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गयी है इमरान टैंकर पर होने वाली कार्यवाही।

आई०जी० मोहित अग्रवाल ने बीती 17 अगस्त 2020 को अपने ज़ोन के सभी पुलिस कर्मियों को अपराधियों से दूरी बनाकर रखने के लिखित आदेश जारी किये थे जो काफ़ी समय तक प्रभावी भी रहा लेकिन तनावग्रस्त कानपुर पुलिस के थानेदार शायद अब आईजी साहब के आदेश को भूल चुके हैं वैसे भी थाने का सिस्टम बिना अपराधी के अधूरा रहता है फिर चाहे तो अपराधी थाने की सलाख़ों के पीछे हो या फिर थानेदार साहब की कुर्सी के बगल में

यह जो तस्वीर आप देख रहे हैं वह प्रशासनिक मास्क वितरण कार्यक्रम की है मास्क वितरण और जनता को जागरूक करने के लिये नौबस्ता थाना पुलिस ने क्षेत्र में कार्यक्रम का आयोजन किया था जैसा कि आप मास्क वितरण की तस्वीर से समझ भी गये होंगे लेकिन जरा इसी तस्वीर में नौबस्ता थाना प्रभारी कुंज बिहारी के ठीक बगल की कुर्सी में बैठे यूवक को गौर से देख लीजिये यह साहब शायद नौबस्ता थानेदार के लिए बेहद ईमानदार और जनप्रिय हो सकते हैं लेकिन हक़ीक़त में तुच्छ टाइप का अपराधी मात्र है जिस पर नौबस्ता थाने में ही आपराधिक मुक़दमे दर्ज हैं अभी हाल ही में इस अपराधी पर गुंडा एक्ट भी पाबंद की गई है लोग इसे इमरान टैंकर के नाम से पहचानते हैं।

“छोटे मोटे अपराधियों से तुच्छ सा लाभ लेने के लिये अक्सर थानेदार जैसी प्रतिष्ठित सीट पर बैठे लोग उनका हौसला बढ़ा देते हैं जिसका खामियाजा आम जनता सहित पूरे सिस्टम को भुगतना पड़ता है।”

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