खाना -खजाना

मिताहार और सेहत को कैसे पहुंचाता है लाभ,जानिए क्या है !

मिताहार का वास्तविक अर्थ है भूख से कम खाना। इस पद्धति में लोग आप मसाले व घी का सीमित मात्रा का सेवन कर सकते हैं। मिताहार करने का एक लाभ यह है कि इससे शरीर में हमेशा स्फूर्ति बनी रहती है और व्यक्ति लंबे समय तक खुद को चुस्त व तंदुरूस्त बनाए रख सकता है।

स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक व्यायामजितना जरूरी है, उतना ही आवश्यक है खानपान पर ध्यान देना। आप क्या खाते हैं और कितना खाते हैं, यह दोनों ही बातें बेहद महत्वपूर्ण है। इन्हीं में से एक है मिताहार। यह वास्तव में भोजन की मात्रा से सम्बन्धित योग की एक संकल्पना है। मिताहार का अर्थ है कम खाना। यह दस यमों में से एक है।

यह भोजन का एक आवश्यक नियम है। आपने कई बार बड़े बूढों को भी यह कहते हुए सुना होगा कि जितनी भूख हो, उससे अगर थोड़ा कम खाया जाए तो पाचन संबंधी कोई समस्या आपको कभी भी नहीं हो सकती। मिताहार की महत्ता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसकी चर्चा शाण्डिल्य उपनिषद, गीता, दशकुमारचरित तथा हठयोग प्रदीपिका आदि 30 से अधिक ग्रन्थों में हुई है।

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