Breaking News

चुनावी माहौल तैयार,लेकिन पहले जैसी ‘चुनावी रोटी’ नहीं नसीब

एजेंसी । पांच राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना में चुनाव तारीखों के ऐलान के साथ ही यहां पूरी तरह से चुनावी माहौल तैयार हो गया है। अब नेताओं, उम्मीदवारों की रैलियों, सभाओं और भाषणों का दौर और तेजी पकड़ने को है। ऐसे चुनावी माहौल में इस बात का जिक्र भी कर लेना लाजिमी है कि किस तरह ये चुनाव कुछ लोगों के लिए रोजी रोटी का जरिया बन जाते हैं।

बड़े पैमाने पर मिलता था रोजगार

एक दौर था जब चुनावों में बैनर, पोस्टर की बाढ़ आ जाया करती थी। उस वक्त चुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग और बैज का काम होता था। हर तरफ बैनर, पोस्टर ही नजर आते थे। गली, मोहल्लों की दीवारें इनसे पट जाया करती थी।

पोस्टर, बैनर, बैज के निर्माण में बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार मिलता था। इसके अलावा पेंटरों को भी खूब काम मिलता था। कुछ महीनों के लिए काम इतना बढ़ जाता था कि और काम लेने से इनकार तक कर दिया जाता था। लेकिन अब वो दौर खत्म हो गया है।

वाकई अब बदल गया पूरा माहौल

खासतौर पर चुनाव आयोग के निर्देश के बाद अब ऐसे बैनर पोस्टर सीमित संख्या में ही नजर आते हैं। लिहाजा इससे जुड़े रोजगार में भी कमी आई है। चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि किसी भी निजी संपत्ति पर बिना अनुमति के बैनर, पोस्टर नहीं लगाए जाएंगे। इस फैसले से बैनर, पोस्टर, बैज बनाने वालों के पास पहले जैसा काम नहीं रहा। इस फैसले से इन्हें भारी नुकसान हुआ है।

लेकिन कुछ दूसरे लोगों को इसका फायदा जरूर मिला है। ऐसे लोगों में ऑटो, रिक्शा चालक शामिल हैं। चुनाव के दिनों में रिक्शा, ऑटों और दूसरी निजी गाड़ियों पर बैनर-पोस्टर नजर आ जाते हैं। इससे इन लोगों को कुछ कमाई हो जाती है। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के पोस्टर, बैनर ऐसे वाहनों पर नजर आ जाते हैं। चुनाव आयोग का फैसला चाहे जैसा भी रहा हो, इससे वो पुराना माहौल नजर नहीं आता जो कभी चुनाव की पहचान हुआ करता था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com