उत्तर प्रदेश

हादसों को दावत देती ओवरलोड वाहन

रिपोर्ट अखिलेश राज 

मऊरानीपुर  । ओवरलोड वाहनों की सड़कों पर भरमार हो गई है। क्षमता का परमिट से अधिक सवारिया बैठाकर बैखोफ सड़क पर ओवरलोड वाहन दौड़ रहे हैं।परिवहन विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाते ऐसे वाहन पुलिस चौकियों व थाने के सामने से फर्राटा भरते हुए निकल जाते हैं।लेकिन पुलिस को इन वाहनों पर कार्रवाई करने की याद नहीं आती जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हो जाता।ओवरलोड वाहनों के अनियंत्रित होकर पलट जाने से कई हादसे हो चुके हैं। रोकथाम के अभाव में हौसला बुलंद वाहन चालक विभिन्न सड़कों पर फर्राटा भरते हुए देखे जा सकते हैं। जिसके चलते सड़क दुर्घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।डग्गामार वाहनों ओवरलोडग के चलते सड़क दुर्घटनाएं हो रही है।हालांकि सड़केे जर्जर हालत में भी इसके लिए जिम्मेदार हैं।रोकथाम के नाम पर विभागीय अधिकारियों की लाचार कार्य प्रणाली के चलते वाहन सवार का मनोबल आसमान छू रहा है।

बंगरा,रानीपुर,कटेरा,उल्दन,पलरा,लहचूरा,खकोरा,बड़ागांव,भानपुरा सहित आदि मार्गो पर वाहनों में लटककर चल रहे है।यात्रियों को देख विभागीय अधिकारियों की उदासीनता का अंदाजा लगाया जा सकता है कि आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं में जान माल की भारी क्षति होने के बावजूद न तो वाहन सवारों पर गलती का एहसास हो रहा है और न ही यात्रियों को अपनी जान की परवाह है।ऐसे में विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है।लोगों का कहना है कि डग्गामार वाहनों में ओवरलोडिंग पर दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।लेकिन इसके लिए यात्रियों को भी सहयोग करना होगा।यदि ऐसे वाहनों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यात्रियों को किसी समय बड़ी दुर्घटना का सामना करना पड़ सकता है।इन वाहनों में सफर करना खतरे से खाली नहीं है।क्योंकि 3 यात्रियों के मानक वाली गाड़ियां 12 से 15 किलोमीटर तक पास गाड़ियों 25 से लेकर 35 किलोमीटर किलोमीटर तक दौड़ाई जा रही हैं।

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