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भारतीय टीम बड़े फाइनल का दबाव नहीं झेल पाती, कहा-महिला मुख्य चयनकर्ता

नई दिल्ली। महिला टीम की निवर्तमान मुख्य चयनकर्ता हेमलता काला का कहना है कि भारतीय टीम बड़े फाइनल में दबाव का सामना अच्छी तरह से नहीं कर पाती जिसके कारण वह आईसीसी ट्राफी अपने नाम नहीं कर पायी है। हालांकि उसका मानना है कि हरमनप्रीत कौर अब भी भारतीय टीम की कप्तानी के लिये सही खिलाड़ी हैं। काला ने 78 वनडे और सात टेस्ट में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है, उन्हें 2015 में चयनकर्ता नियुक्त किया गया था जिसके बाद 2016 में उन्हें पैनल प्रमुख बना दिया गया। काला ने  2020 टी20 विश्व कप अभियान का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘खिलाड़ियों को बड़े मैच खेलने के लिये तैयार रहना चाहिए लेकिन युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के अच्छे मिश्रण के बावजूद वे ऐसा नहीं कर पायीं। बल्लेबाजी असफलता का भी हमें खामियाजा भुगतना पड़ा। शायद वे दबाव में थीं। ’’ काला का चयन समिति के प्रमुख के तौर पर कार्यकाल महिला क्रिकेट में स्वर्णिम चरण रहा है।

भारतीय टीम 2017 विश्व कप के फाइनल में पहुंची जो देश में महिला क्रिकेट के लिये काफी बड़ी उपलब्धि थी और यह उनके कार्यकाल में ही हुआ। हालांकि 2018 एशिया कप फाइनल में बांग्लादेश से हारना काफी निराशाजनक रहा। तो 2017 वनडे विश्व कप फाइनल और 2018 विश्व टी20 सेमीफाइनल में क्या गलत रहा, उन्होंने कहा, ‘‘2017 में भी यह बल्लेबाजी की विफलता रहा था। हमने 229 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए तीन विकेट पर 191 रन बनाये थे। लेकिन हम इसे हासिल नहीं कर पाये। इस दौरान घबराने की जरूरत नहीं थी, लेकिन हम घबरा गये। ’’ काला (44 वर्ष) का मानना है कि यह मौजूदा टीम दोनों प्रारूपों में इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया को हरा सकती है लेकिन दबाव हमेशा अहम कारक बना रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘और दबाव से निपटने का मुद्दा अब तक कायम है, हालांकि टीम इससे निपटने में सक्षम है और उसे नियमित रूप से शीर्ष टीमों (आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड) को हराकर यह दिखाया भी है। लेकिन हम फाइनल में पिछड़ जाते हैं, इसमें दबाव ने काफी बड़ी भूमिका अदा की है। ’’ काला का मानना है कि टी20 टीम की हरमनप्रीत से बेहतर अगुआई कोई और नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि मौजूदा टीम में हरमन से बेहतर कोई और कप्तान हो सकता है। प्रदर्शन ऊपर नीचे हो सकता है लेकिन टीम का कप्तान भी उतना ही अहम होता है।

 

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