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मुंबई कीअदालत ने धोखाधड़ी के मामले में वित्तीय कंपनी के निदेशकों की जमानत मंजूर करने से इनकार

मुंबई की एक अदालत ने एक वित्तीय संस्थान के दो निदेशकों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इन निदेशकों के खिलाफ 85 निवेशकों से 22 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया है।

अदालत ने गुरुवार को जेएसके प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों कुणाल और साक्षी जिवारजका की जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि दोनों ने गंभीर आर्थिक अपराध किया है।
मुकदमे के अनुसार इन दोनों और कंपनी के अन्य निदेशकों ने निवेशकों को उच्च दर पर मुनाफे का वादा करके लालच दिया और बाद में भुगतान नहीं किया। एक निवेशक द्वारा दर्ज कराई शिकायत के बाद पिछले महीने आर्थिक अपराध शाखा ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
प्राथमिकी के अनुसार 85 लोगों ने कंपनी में करीब 22 करोड़ रुपये का निवेश किया और उन्हें निवेश पर 18 से 20 फीसदी के रिटर्न का वादा किया गया था।

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