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प्रयागराज शहर के ऊपर से गुजरा टिड्डी दल,कई मोहल्लों में रही अफरातफरी


प्रयागराज । शहर के ऊपर से गुजरा टिड्डी दल, कई मोहल्लों में रही अफरातफरी
तस्वीर में दिख रहा टिड्डी दल अल्लापुर, बाघंबरी गद्दी इलाके के ऊपर ऊड़ रहा है। शहर से बाहर निकल कल टिड्डियों का समूह कौशांबी और शंकरगढ़ इलाके में पहुंच चुका है।

पाकिस्तान से पहुंचा टिड्डी दल पिछले तीन दिनों से प्रयागराज जिले में घूम रहा है। टिड्डी दल के हमले से किसानों में दहशत है तो गुरुवार की दोपहर प्रयागराज शहर के दारागंज, अल्लापुर, प्रयाग स्टेशन के आसपास के मोहल्लों समेत करीब दो दर्जन मोहल्ले प्रभावित हुआ। मकानों के ऊपर से निकले टिड्डी दल को देख शहरियों की बेचैनी बढ़ गई। कई मोहल्लों में लोगों ने टिड्डियों को भगाने और डराने के लिए तेज आवाज वाले बाजों का इस्तेमाल किया। करीब दो घंटे में टिड्डी दल कौशांंबी और शंकरगढ़ इलाके की तरफ तो चला गया लेकिन शहरियों के लिए डर, कौतूहल और कहानियां छोड़ गया।

टिड्डी दल


दोपहर करीब 11.30 बजे के निकट टिड्डी दल ने झूंसी इलाके में प्रवेश किया। देखते ही देखते मकानों के ऊपर छोटे-बड़े कीड़ों का समूह छा गया। खुली खिड़कियों और दरवाजों के कारण यह तमाम घरों में भी प्रवेश कर गए। समूह में टिड्डियों के हमले से प्रभावित इलाकों में दहशत फैल गई।
आधे घंटे के अंदर गंगा के ऊपर से होते हुए टिट्डी दल दारागंज, सलोरी, बघाड़ा, प्रयाग स्टेशन के आसपास, अल्लापुर, बाघंबरी गद्दी क्षेत्र, सोहबतियाबाग, बैरहना से होते हुए शहर के बड़े हिस्से में छा गए। पूर्व में जानकारी होने के कारण लोगों ने धड़ाधड़ खिड़यां और दरवाजे बंद किए। इसके बाद भी समूह में होने और तेज गति से उड़ने के कारण कई घरों में प्रवेश कर गए। करीब दो घंटे तक शहर के विभिन्न हिस्सों में लोगों के बीच खौफ का पर्याय बना टिड्डी दल धीरे-धीरे शहर के बाहर निकल गया।


कृषि रक्षा अधिकारी इंद्रजीत यादव ने बताया कि टिड्डी दल शहर के बाहर निकल चुका है। अपहार्न करीब 2.30 बजे तक टिड्डियों के समूह के चायल और शंकरगढ़ इलाके में पहुंच जाने की सूचना मिली है। यह आगे की ओर बढ़ रहे हैं।
इंद्रजीत यादव के मुताबिक प्रयागराज में टिड्डियों का समूह 9 जून को ही पहुंच गया था। शुरुआत में यह कोरांव के कल्याणपुर और इटवा कला गांव के बीच रुके थे। वहां से भगाए जाने के बाद हंडिया होते हुए बहादुरपुर ब्लाक के कोड़रू गांव में टिड्डी दल रात में रुका। ग्रामीण इलाके में विभाग की तरफ से क्लोरोफाइरीफॉस रसायन का इस्तेमाल किया गया।
रसायनों के छिड़काव और ग्रामीणों के सहयोग से तेज आवाज का प्रयोग करने से न सिर्फ इन्हें भगाने में मदद मिली। बल्कि, उनका दावा है कि प्रयागराज में 80 फीसदी टिड्डी दल को नष्ट भी कर दिया गया है। शहर से कौशांबी और शंकरगढ़ इलाके में पहुंचा टिड्डी दल का समूह काफी कम हो गया है।

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