गोरखपुर जोन

कोरोना चैंपियंस को फल और ड्राई फ्रूट देकर स्वास्थ्य विभाग ने की विदाई


सीएमओ गोरखपुर और रेलवे अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा निदेशक ने पूछा हालचाल
देवरिया जनपद से पांच, जबकि महराजगंज जनपद के चार मरीज स्वस्थ होकर लौटे
चैंपियंस ने कहा-धन्यवाद रेलवे अस्पताल, धन्यवाद गोरखपुर स्वास्थ्य विभाग, धन्यवाद कोरोना वारियर्स

गोरखपुर, 03 जून 2020। रेलवे अस्पताल से पहली बार 9 कोरोना मरीज स्वस्थ होकर अपने जनपद के लिए रवाना हो गए। इन मरीजों में पांच देवरिया जनपद के थे जबकि चार महराजगंज के। इनका कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी और रेलवे अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा निदेशक डॉ. नंवल किशोर यादव ने इन सभी कोरोना चैंपियंस को फल, स्वच्छता किट और ड्राई फ्रूट देकर विदाई की। रेलवे अस्पताल की व्यवस्था से संतुष्ट इन मरीजों ने अस्पताल को धन्यवाद देते हुए गोरखपुर के स्वास्थ्य महकमें को भी शुक्रिया अदा किया। चैंपियंस का कहना था कि रेलवे अस्पताल में न केवल उनका इलाज हुआ है, बल्कि उन्हें मनोवैज्ञानिक संबल भी मिला है। अस्पताल के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टॉफ ने भी चैंपियंस को भावभीनी विदाई दी और साथ में होम क्वारंटीन रहने और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने समेत अन्य सभी एहतियात बरतने को कहा।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि चैंपियंस को विदाई के साथ पोषणयुक्त खाद्य सामग्री इसलिए दी गयी ताकि उनकी इम्यूनिटी पॉवर बनी रहे। अस्पताल में भर्ती मरीजों को पौष्टिक आहार व सुविधाएं मिल सके, इसकी जिम्मेदारी एसीएमओ आरसीएच डॉ. नंद कुमार को दी गयी थी। चैंपियंस ने बताया कि उन्हें अस्पताल में प्रतिदिन पौष्टिक भोजन के साथ-साथ काजू, बादाम और तलमखाना दिया गया। सेब, केला और आम जैसे फल भी दिये गये। उन्होंने बताया कि अस्पताल की कोविड-19 वार्ड की चिकित्सक डॉ. मोहिनी दूबे, स्टॉफ नर्स अल्का यादव, चेतराम व स्टॉफ योगेंद्र व अशोक ने खासतौर से हमेशा उनका मनोबल बनाए रखा। शुरूआती दौर में गांव के लोगों ने उनके परिवार के साथ थोड़ा-बहुत भेदभाव का व्यवहार रखा लेकिन उसके बाद सभी लोगों का रवैया सहयोगात्मक रहा। कोरोना चैंपियंस की देखभाल करने वाली चिकित्सक डॉ. मोहिनी दूबे ने बताया कि इलाज के दौरान सबसे अहम भूमिका मानसिक परमार्श की होती है। दवा से ज्यादा कारगर मनोबल को बनाए रखने की तकनीकी है।
सीएमओ ने बताया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सुविधा मिल सके, इसके लिए जिला क्वालिटी कंसल्टेंड डॉ. मुस्तफा खान, हेल्प डेस्क मैनेजर ब्रह्मलाल प्रजापति, अमरनाथ जायसवाल, सीएचओ शिल्पी, पवन, महेंद्र और नीतू की टीम सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक अलग-अलग बैच में रेलवे अस्पताल स्थित हेल्प डेस्क पर तैनात रहती है।

रेलवे अस्पताल की ओर से डॉ. एम नाथ, डॉ. बीएल चौहान और डॉ. नंद किशोर ने स्वास्थ्य विभाग की भूमिका की सराहना करते हुए बताया कि विभागीय गाइडलाइन के अनुसार मरीजों की सेवा की जा रही है। उनका कहना है कि सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि 9 मरीज स्वस्थ होकर लौट रहे हैं। सीएमओ ने बताया कि इस फैसिलिटी पर कुल 75 मरीज भर्ती थे जिनमें से 9 के डिस्चार्ज होने और 1 मरीज के रेफर होने के बाद कुल 65 मरीज भर्ती रह गये हैं।

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