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अनुदेशकों ने संभाला प्रवासी श्रमिकों का नाम नोट करने का जिम्मा,सभी का लगे रोस्टर वाइज ड्यूटी



ड्यूटी कर रहे अनुदेशकों का भी हो कोविड-19 पास जारी
गोरखपुर । वैश्विक महामारी कोविड-19 ने जहां पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया है वहीं भारत भी इस बीमारी से अछूता नहीं रहा है यहां भी लगातार कोविड-19 की संख्या दिन दोगुनी रात चौगुनी की तरह इजाफा हो रहा है और सरकार इसके लिए हर संभव कोविड-19 के मरीजों को चेक करके उनको अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इसी के क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने भी और जूनियर हाई स्कूलों में तैनात अनुदेशकों ने भी कोविड-19 बीमारी को और अधिक न फैलने देने का जिम्मा उठाया है गोरखपुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने वैश्विक महामारी करोना मे प्रदेश सरकार को आश्वस्त किया कि गोरखपुर के समस्त शिक्षक अनुदेशक इस लड़ाई में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार इसी की कड़ी में गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर प्रवासी श्रमिक मजदूर जो ट्रेनों से वापस अपने घरों को लौट रहे हैं उनका नाम मोबाइल नंबर पिता का नाम अंकित करने का जिम्मा अनुदेशकों ने अपने सिर पर उठाया है साथ ही अनुदेशकों ने भी मांग किया कि समस्त टीचरों की ड्यूटी रोस्टर वाइज लगाई जाए व जहां ड्यूटी कर रहे हैं।

अनुदेशक वहां पर आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार कम से कम 1 मीटर का दूरी बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग कराया जाए जिससे शिक्षकों कोरोना का भय सताए न सरकार को चाहिए कि शिक्षकों के जीवन स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के साथ खिलवाड़ ना करें और उनको हेड मास्क दस्ताना फेस कवर पूरा किट उनको मुहैया कराया जाए ताकि शिक्षक अपनी सेवा भयमुक्त होकर के देते रहे साथ ही अनुदेशकों ने मांग किया कि कोविड-19 में कार्य कर रहे अनुदेशकों को भी कोविड-19 पास जारी किया जाए जो रात्रि में अनुदेशक ड्यूटी करने आ रहे हैं उनको तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा है पुलिस वाले उनको रोक रहे हैं कहां जा रहे हो क्या करने के लिए जा रहे हो उनको बताना पड़ा है जब पास रहेगा तो वह दिखा देगा और आसानी से अपने ड्यूटी पर ड्यूटी करने के लिए आ सकेगा ।

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