ज़रा-हटके

Barabanki: इंसानियत बनी मिसाल,बची गरीब की जान



बाराबंकी।अक्सर गरीब होना एक अभिशाप के सामान होता है। लेकिन अगर इंसानियत में विश्वास रखने वाले जाति धर्म की दीवारे तोड़ दे तो एक दूसरे की मदद से मौत को भी हराया जा सकता है।ऐसा ही प्रकरण प्रकाश में आया है जिसमे राम बिहारी नामक व्यक्ति की आंत फट गई थी। गरीब होने से उसके पास इलाज के लिये पैसा नही था। जिला अस्पताल से गंभीर हालत के चलते लखनऊ ट्रामा सेंटर ने रिफर किया।वहा पर किसी चिकित्सक ने इस मरीज को हाथ तक नही लगाया।वापस किसी तरह फिर जनपद आ गया।

उक्त प्रकरण समाजसेवी मित्र शैलेन्द्र राज सिंह के पास आया, तो उन्होंने हमसे और हमारी छोटी बहन गुलेशबा से परामर्श किया।जिसके बाद शाम को डॉ. शैलेंद्र, जमाल कामिल एवं गुलेशबा ने इलाज के लिए सहयोग किया।
रामबिहारी की आंत का कामयाब ऑप्रेशन हुआ।
जो सारानीय है। जो अब खतरे से बाहर है।

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