राजनीति

राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ कोविड-19 से संबंधित लोक शिकायत निवारण की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा

जुनैद मलिक अत्तारी
नई दिल्ली

कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री, डॉ. जितेंद्र सिंह ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर 30 मार्च- 4 मई, 2020 की अवधि के दौरान डीएआरपीजी द्वारा कोविड-19 से संबंधित लोक शिकायत निवारण की प्रगति रिपोर्ट की व्यापक समीक्षा की और शिकायतों के निपटान की गति पर संतोष व्यक्त किया, इस अवधि में, डीएआरपीजी की राष्ट्रीय कोविड-19 लोक शिकायत से जुड़े पोर्टल ने 52,327 मामलों का निपटारा किया, जिनमें से केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों द्वारा 41,626 मामलों का निवारण किया गया। केंद्र सरकार के कोविड-19 लोक शिकायत मामलों में शिकायत निवारण का दैनिक औसत 1.45 दिन प्रति मामला (1.45 दिन/निवारण) रहा है। डीएआरपीजी ने मैन्युअल रूप से 20,000 मामलों का विश्लेषण किया और नागरिकों की संतुष्टि को सुनिश्चित करने के लिए फ़ीडबैक फोन किया गया। केंद्र और राज्य सरकारों के शिकायत निवारण अधिकारियों के बीच छह बार संवादात्मक वीडियो सम्मेलनों का आयोजन किया गया। डीएआरपीजी द्वारा राज्य सरकारों को 10,701 कोविड-19 लोक शिकायत मामलों को स्थानांतरित किया गया, जिनका सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है, डॉ जितेंद्र सिंह ने कोविड-19 लोक शिकायतों का समय पर समाधान करने के प्रति प्रतिबद्धता दिखाने के लिए डीएआरपीजी और राज्य सरकारों के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 लोक शिकायतों के निवारण को न केवल तकनीकी रूप से उन्नत बड़े राज्यों, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, हरियाणा, केरल में तत्परता के साथ आगे बढ़ाया गया, बल्कि कनेक्टिविटी में अवरोध होने के बावजूद उत्तर-पूर्वी राज्यों और जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेशों, लद्दाख, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में भी समर्पित वेब पोर्टलों का उचित प्रबंधन किया गया। जन शिकायतों का समय पर निराकरण करने से यह सुनिश्चित किया जाता है कि जनता का सरकार पर विश्वास कायम रखा जा सके, डॉ जितेंद्र सिंह ने बताया कि देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान कई जिलाधिकारियों ने सराहनीय पहल की है, जिनमें रियासी के जिलाधिकारी भी शामिल हैं जिन्होंने सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए वैष्णो देवी यात्रा को स्थगित कर दिया था, इसी प्रकार की पहल आकांक्षी जिलों में भी देखी गई, जहां पर जिलाधिकारी खाद्य आपूर्ति को सुनिश्चित करने और ग्रामीण स्तर पर लॉकडाउन की निगरानी तत्परता के साथ करने के लिए प्रयासरत दिखे। राज्य स्तर की सफलता की प्रमुख कहानियों में, छात्रों का अंतर्राज्यीय आवागमन और प्रवासी श्रमिकों के मुद्दों को संभालना था, जिसमें जिलाधिकारियों और राज्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इसके अलावा, राज्यों ने अस्पतालों की अवसंरचना और क्वारंटाइन, स्कूल और उच्च शिक्षा, मजदूरी और रोजगार संबंधित मुद्दों और आपूर्ति से संबंधित अन्य मुद्दों का भी सफलतापूर्वक समाधान किया है, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि लोक शिकायतें मोदी सरकार के लिये केंद्रीय मुद्दा हैं और 2014-20 की अवधि में लोक शिकायतों के निपटान के मामले 2 लाख से बढ़कर लगभग 20 लाख हो गए हैं। डीएआरपीजी, 90 प्रतिशत निपटान दरों को सुनिश्चित करने के साथ लोक शिकायतों पर प्रतिक्रिया देने में आगे रहा है। फीडबैक प्राप्ति के लिए किए गए फोन के माध्यम से निवारण की गुणवत्ता का सत्यापन किया गया है।

इन पहलों के माध्यम से इन विश्वासों को पुष्ट किया गया है कि देश का नागरिक सरकार के क्रियाकलापों के केंद्रबिंदु में है, इस समीक्षा बैठक में, डॉ. क्षत्रपति शिवाजी, सचिव, डीएआरपीजी, वी श्रीनिवास, अपर सचिव, डीआरपीजी और श्रीमती जया दुबे, संयुक्त सचिव डीएआरपीजी उपस्थित थे। राज्य सरकारों का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रधान सचिव शामिल थे।

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