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UPPCL PF घोटाला-वित्त नियंत्रक सुधांशु द्विवेदी और शेयर ब्रोकर विकास चावला की जमानत अर्जी खारिज़

लखनऊ. उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन (UPPCL) के डीएचएफएल पीएफ घोटाला (PF Scam) मामले में आरोपी सुधांशु द्विवेदी की ज़मानत अर्ज़ी खारिज़ हो गई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुधांशु द्विवेदी की ज़मानत अर्ज़ी खारिज़ कर दी है. बता दें सुधांशु द्विवेदी यूपीपीसीएल में वित्त नियंत्रक थे. इसके साथ ही हाईकोर्ट ने शेयर ब्रोकर विकास चावला की भी ज़मानत अर्ज़ी खारिज़ कर दी है. एएजी वीके शाही ने ज़मानत अर्ज़ी खारिज़ होने की पुष्टि की है.

CBI ने दर्ज की एफआईआर
बता दें पिछले महीने (मार्च) ही सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है. इसमें आपराधिक साज़िश, धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. एफआईआर दर्ज होने के बाद सीबीआई जल्द ही ईओडब्ल्यू से दस्तावेज ले रही है. बता दें इस घोटाले में ईओडब्ल्यू अब तक जांच कर रही थी, उसने तत्कालीन एमडी एपी मिश्रा समेत 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जानकारी के अनुसार ये घोटाला करीब 2200 करोड़ का बताया जाता है. इसमें यूपीपीसीएल के कर्मचारियों के पीएफ की रक़म डीएचएफएल में निवेश की गई थी.

सरकार के निर्देश पर लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में 2 नवंबर 2019 को पीएफ घोटाले की एफआईआर दर्ज हुई थी. अगले ही दिन मामले की जांच ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर कर दी गई थी. इसके बाद इस घोटाले में ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों का दौर शुरू हो गया. अब तक 17 आरोपी इस मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं. ईओडब्ल्यू की अब तक की जांच में साफ हो गया है कि फर्जी शेयर ब्रोकर कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपए का हेर-फेर किया गया.

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