अन्तर्राष्ट्रीय

भारतीय सैन्य बेड़े में शामिल होगा ये स्टील्थ ड्रोन,अमेरिका से होगा करार

ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी को मौत के घाट उतारने वाले खतरनाक अमेरिकी ड्रोन को मोदी सरकार अब भारत लाने की तैयारी में है. जल्द ही इसे लेकर अमेरिका से करार किया जा सकता है. आपको बता दें कि अमेरिका ने ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी को मौत के घाट उतारने के लिए अपने खतरनाक स्टील्थ ड्रोन का इस्तेमाल किया था. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मोदी सरकार इस ड्रोन को भारतीय सैन्य बेड़े में शामिल करने को बेकरार है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के दौरान ये मुद्दा उठाया जा सकता है. इस ड्रोन की सबसे खास बात ये है कि इसे गुपचुप ढंग से लाया जा सकता है और रडार की नजर में आए टारगेट को खत्म किया जा सकता है.

स्टील्थ ड्रोन

स्टील्थ ड्रोन क्यों है इतना खास

सूत्रों की मानें तो स्टील्थ ड्रोन भारत की उन कार्यवाई में अहम भूमिका निभा सकता है, जिसमें भारत देश विरोधी आतंकी संगठनों पर कार्यवाई करना चाहता है. वह भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल सरहद पार के ज्ञात नॉन-स्टेट-एक्टर्स पर करना चाहता है. जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मौलाना मसूद अजहर और लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद ऐसेही नॉन-स्टेट-एक्टर्स हैं.

स्टील्थ ड्रोन से ख़त्म हुआ था कासिम सुलेमानी

आपको बता दें, कि अमेरिका ने ईरान के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी को मारने के लिए इसी स्टील्थ ड्रोन का इस्तेमाल किया था. हमले में कताइब हिजबुल्लाह के कमांडर अबू महदी अल-मुहांदिस भी मारे गए हैं. सुलेमानी कई महीनों से इराक स्थित अमरीकी सैन्य ठिकानों पर हमलों को अंजाम देने में शामिल रहे हैं

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