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लोकसेवा आयोग पर आरक्षित वर्ग के अभ्यार्थियों के लिए सपा ने दिया धरना,सौंपा ज्ञापन

प्रयागराज। लोकसेवा आयोग द्वारा प्रस्ताव पारित कर अन्य पिछड़ा वर्ग,अनुसूचित जाति ,जनजाति,आरक्षित अल्पसंख्यक वर्ग व कमज़ोर तबक़े के आरक्षित अभ्यार्थियों को सीधी भर्ती के पदों पर उच्च मेरिट होने के बावजूद सामान्य वर्ग में चयन न करके उन्ही की कटेगरी में चयनित करने को विवश करने के विरोध में समाजवादी पार्टी के विधानपरिषद सदस्य बासूदेव यादव व निर्वतमान महानगर अध्यक्ष सै०इफ्तेखार हुसैन के नेत्रित्व में सपा कार्यकर्ताओं ने लोकसेवा आयोग के गेट पर धरना दिया।घन्टों चले धरने के दौरान भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा।धरना समाप्त करने को लेकर पुलिस प्रशासन ने दबाव बनाना चाहा लेकिन सपा कार्यकर्ता लोक सेवा आयोग सचिव को बाहर बुलाने और ज्ञापन लेने की मांग करते हुए डटे रहे।लोक सेवा आयोग के उप सचिव पुशकर श्रीवास्तव ज्ञापन लेने बाहर आए तो सपाईयों ने लोक सेवा आयोग और सचिव प्रभाकर के खिलाफ जम कर नारेबाज़ी करते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाए।

सपा ने दिया धरना

बासूदेव यादव ने उप सचिव को ज्ञापन पढ़ कर सुनाने के साथ तत्काल विधान सभा व विधान परिषद से पास क़ानून के दायरे में काम करने की बात कहते हुए यह चेतावनी भी दी के अभी सिर्फ गेट के बाहर शान्तिपूर्वक धरना दिया गया है अगर तुग़लकी फरमान वापिस नहीं हुआ तो और उग्र आन्दोलन करने के साथ विधान परिषद में भी धरना देने का काम करुंगा।ज्ञापन के माध्यम से कहा गया की उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या -४ दिनांक २२मार्च १९९४ का अवलोकन करें जिसमे उप्र लोक सेवा आयोग का अधिनियम है जिसमें अनुसूचित जाति / जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण है।

उपधारा पैरा -१ मे निम्नवत उल्लिखित है की किसी श्रेणी से सम्बन्धित कोई व्यक्ति योग्यता के आधार पर खुली प्रतियोगिता में सामान्य अभ्यार्थियों के साथ चयनित होता है तो उसे उपधारा-१ के अधीन ऐसी श्रेणी के लिए आरक्षित रिक्तियों के प्रति समायोजित नहीं किया जाएगा।उन्होने यह भी कहा की लोक सेवा आयोग को कहीं से भी यह शक्ति प्राप्त नहीं होती है की वह विधानमण्डल द्वारा पारित अधिनियम को समाप्त करे।आयोग द्वारा पारित प्रस्ताव ग़ैरक़ानूनी तो है ही वहीं प्रदेश के आरक्षित वर्ग के साथ सौतेला व्यवहार है इसे कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।कहा इस आदेश से ५% आबादी को ४०.५% आरक्षण तथा ९५% आबादी को मात्र ५९.५% आरक्षण मिल पाएगा।योगी सरकार के इशारे पर आयोग द्वारा असंवैधानिक प्रस्ताव को हम नहीं मानेंगे और १३ फरवरी को आहूत विधानमण्डल के सत्र में उक्त पारित प्रस्ताव का मुद्दा सदन में उठाते हुए इसे किसी क़ीमत पर लागू नहीं करने देंगे।धरना प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान विधानपरिषद सदस्य बासूदेव यादव,निर्वतमान महानगर अध्यक्ष सै०इफ्तेखार हुसैन,पूर्व मंत्री रामानन्द भारती,प्रदेश प्रवक्ता निधि यादव,सुशमा भारतीया,पूर्व नगर अध्यक्ष पप्पूलाल यादव,निर्वतमान नगर महासचिव योगेश चन्द्र यादव,महबूब उसमानी,सै०मो०अस्करी,रविन्द्र यादव,सन्दीप यादव,अखिलेश गुप्ता,डॉ अच्छेलाल यादव,संदीप पटेल,सन्दीप यादव प्रधान,रविन्द्र यादव रवि,रामकृपाल यादव,शिवशंकर वर्मा,आर के भारतीया,आशीष पाल,मो०हामिद,दिलीप यादव,आर एन यादव,सन्दीप चौधरी,पीएन अकेला,सुभाष कुमार,घनश्याम गौड़,पवन कुमार बिन्द,जयशंकर रावत,विनोद विश्वकर्मा,अजीत विधायक,औन ज़ैदी आदि मौजूद थे।

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