ज़रा-हटके

रुदौली तहसील को बाराबंकी में शामिल कराने को लेकर वकीलों ने किया विरोध प्रदर्शन

भेलसर(अयोध्या)रुदौली. तहसील को बाराबंकी ज़िला में वापसी सम्बन्धी ज्ञापन में कहा गया है कि बगैर किसी औचित्य के बसपा नेत्री पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने पहले कार्यकाल में रुदौली तहसील को बाराबंकी से हटाकर फैजाबाद में शामिल कर दिया था।इसके बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख रहे मुलायम सिंह यादव ने पुनः रूदौली तहसील को फ़ैज़ाबाद से हटाकर बाराबंकी ज़िला में मिला दिया था।इसके बाद पुनः सत्तारूढ़ होते ही मायावती ने दुबारा रुदौली को फैजाबाद में मिला दिया।इसके बाद अक्टूबर 2007 से आंदोलन शुरू हुआ जो अभी तक शांतिपूर्ण रूप से चल रहा है रुदौली तहसील वापसी आंदोलन के नेता मोहम्मद एखलाक एडवोकेट ने बताया कि विधानसभा चुनाव के पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ऐलान किया था कि सूबे में भाजपा सरकार बनी तो .

रूदौली को फैजाबाद से हटाकर बाराबंकी में मिला दिया जायेगा लेकिन अभी तक योगी सरकार ने यह वायदा पूरा नही किया।बताया कि गोण्डा जिले की नबाबगंज फैजाबाद के अति निकट,और गोंडा से बहुत दूर है इसलिए नबाब गंज को गोण्डा से हटाकर फैजाबाद में मिला दिया जाय और रुदौली को फैजाबाद से हटाकर बाराबंकी में मिला देने से किसी को कोई नुकसान नही होगा।जिससे दोनों तहसील के लोगों लिए सुविधाजनक होगा .

इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष कौशल किशोर त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को किये गए वादे को याद दिलाया इस अवसर पर ज़िला बार के अध्यक्ष भारत सिंह यादव,रामगोपाल शुक्ला,मोहन सिंह,अमीनुद्दीन,रमन लाल द्विवेदी,भानु सिंह,इकबाल राही,सी०बी० सिंह,मोहम्मद तालिब,मोहम्मद शादाब,इब्दुर्रहमान नायाब,वीरेन्द्र श्रीवास्तव,वरुणेश द्विवेदी,शाहीन अख़्तर,मक़सूद,वीरेन्द्र तिवारी,रमाकान्त शुक्ला,विनोद कुमार यादव,आर०पी०गौतम,नीरज वर्मा,ओम प्रकाश यादव,सौरभ यादव ‘दारा’ सहित अन्य अधिवक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये।

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