अन्तर्राष्ट्रीय

मुस्लिमों के खिलाफ चीन का ये कठोर कदम, दुनिया में मचा हड़कंप…??

नई दिल्ली। चीन पूरी दुनिया में शांति की बात करता है, लेकिन उसकी सच्चाई अब सबके सामने आ गई है। चीन में उईगर मुस्लमानों के ऊपर कई अत्याचार किए जा रहे हैं जो अब दुनिया से छिपा नहीं है। उईगर मुस्लिमों को हिरासत शिविर में डालकर उन पर अत्याचार किए जा रहे हैं।

चीन मुसलमानों के खिलाफ बनाई नीति की वजह से उसकी आलोचना होती है।अब चीन ने मुस्लिमों के खिलाफ एक ऐसा कठोर फैसला लिया है जिसकी वजह से दुनिया में हड़कंप मच गया है।  

मिली जानकारी के मुक़ातिफ कुरान और बाइबल को फिर से लिखा जाएगा और इन धार्मिक ग्रंथों को चीन अपने मुताबिक लिखेगा। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के एक प्रमुख अधिकारी के मुताबिक नए संस्करणों में ऐसी कोई भी बात नहीं होनी चाहिए जो कि कम्युनिस्ट पार्टी के विश्वासों के खिलाफ जाती हो। चीन इस कदम से अपने समाजवादी मूल्यों की हिफाजत करेगा। कुरान और बाइबल में जो भी गलत कंटेंट लिखा होगा उसको चीन अपने हिसाब से बदल देगा।  

इसका मतलब साफ है कि कुरान और बाइबल की किताबों में ऐसा कोई पैराग्राफ नहीं होगा जो कम्युनिस्ट पार्टी के विचारों से मेल नहीं खाता हो। अगर कंटेंट या पैराग्राफ में कोई भी चीज गलत लिखी होगी तो उसमें संशोधन किया जाएगा या तो उसका फिर से अनुवाद किया जाएगा। सबसे बड़ी बात है कि इसका आदेश नवंबर में नेशनल कमेटी ऑफ द चाइना पॉलिटिकल कंसलटेटिव कॉन्फ्रेंस की जातीय और धार्मिक समिति की एक बैठक में पास किया गया था।   यह समिति चीन में जातीय और धार्मिक मामलों पर नजर रखती है। चीन ने तब लिया जब उस पर आरोप लग रहे कि वहां उईगर मुसलमानों को हिरासत शिविर में जबरदस्ती डाला जा रहा है और उनके परिवारों से उनको अलग किया जा रहा है। रिपोर्ट्स की माने तो जबरदस्ती उनका धर्म परिवर्तन भी कराया जा रहा है।

Related Articles