उत्तराखंड

प्रदूषण पर वन विभाग देगा फैक्ट्रयों को नोटिस, कैमिकल युक्त पानी से मर रहे जानवर

 फैक्ट्रियों द्वारा रोज हजारों लीटर गंदा केमिकल युक्त पानी जंगल के नारे बह रहे नाले में छोड़े जाने से जंगली जानवरों और नाले में रहने वाले मगरमच्छों में बीमारियां फैलने की संभावना बढी। वन विभाग ने नाले में केमिकल युक्त गंदा पानी छोड़ने वाली फैक्ट्रियों को नोटिस देने की बात कही।

उधम सिंह नगर जनपद के सीमांत क्षेत्र खटीमा में फैक्ट्रियों द्वारा केमिकल युक्त जहरीला पानी नालों में छोड़ने से पर्यावरण को हो रहा है भारी नुकसान। खटीमा में लोहियाहेड रोड पर उत्पादनरत खटीमा फाइबर प्राइवेट लिमिटेड और पॉलिप्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा रोज हजारों लीटर केमिकल युक्त गंदा पानी पास बहने वाले नाले में छोड़ा जा रहा है। फैक्ट्रियों द्वारा छोड़े जा रहे जहरीले पानी से जहां फैक्ट्रियों के पीछे खेतों में फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

वही नाले के जहरीले पानी तो पीने से जानवरों में भी बीमारियां फैलने लगी है। जंगल किनारे बहने वाले नाले के जहरीले पानी को गायों और भैंसों द्वारा पीने से उनमें कई तरह की बीमारियां पनपने लगी है।साथ ही उनका दूध भी जहरीला होने की संभावना बढ़ गई है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि दोनों फैक्ट्रियों से रोजाना हजारों लेटर केमिकल युक्त गंदा जहरीला पानी नाले में छोड़ा जा रहा है इस नाले के पानी से फैक्ट्रियों के पीछे सैकड़ों एकड़ जमीन में सिंचाई होती है जिस कारण जहरीले पानी से फसलों की सिंचाई होने के कारण फसलों में कई प्रकार की बीमारियां होने लगी है और फसलें खराब हो रही है।

जानवर भी इस नाले का पानी पीने के कारण कई बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। पिछले दिनों इस नाले का पानी पीने वाले एक जानवर की बीमार होकर मौत भी हो चुकी है। फैक्ट्रियों द्वारा केमिकल युक्त जहरीला गंदा पानी नाले में छोड़े जाने को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन में शिकायत कर चुके हैं। लेकिन प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिस कारण हम लोग केमिकल युक्त जहरीले पानी से बर्बाद होने को मजबूर है।

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