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SC का बड़ा फैसला, RTI के दायरे में आएगा CJI का कार्यालय

नई दिल्ली।  मुख्य न्यायाधीश यानी सीजेआई का कार्यालय भी आरटीआई के तहत आएगा। ये फैसला सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने लिया है। फैसले में ये स्पष्ट किया गया है कि सीजेआई कार्यलय एक पब्लिक अथॉरिटी है, इसके तहत ये सूचना का आधिकार यानी आरटीआई के तहत आएगा ।

हालांकि, ये पूरी तरह से गोपनीय होगा। इस दौरान दफ्तर की गोपनीयता बरकरार रहेगी. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस जे. खन्ना, जस्टिस गुप्ता, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस रम्मना वाली पीठ ने आर्टिकल 124 के तहत ये फैसला लिया है ।

इसे सूचना के अधिकार कानून की मजबूती के लिहाज से बड़ा फैसला माना जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी जज आरटीआई के दायरे में आएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह से दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है ।

बता दें कि पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने हाईकोर्ट और केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के आदेशों के खिलाफ 2010 में शीर्ष अदालत के महासचिव और केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी द्वारा दायर अपीलों पर गत चार अप्रैल को निर्णय सुरक्षित रख लिया था. सीजेआई के नेतृत्व वाली पीठ ने सुनवाई पूरी करते हुए कहा था कि कोई भी ‘अपारदर्शिता की व्यवस्था’ नहीं चाहता, लेकिन पारदर्शिता के नाम पर न्यायपालिका को नष्ट नहीं किया जा सकता ।

उन्होंने कहा था कि कोई भी अंधेरे की स्थिति में नहीं रहना चाहता या किसी को अंधेरे की स्थिति में नहीं रखना चाहता. आप पारदर्शिता के नाम पर संस्था को नष्ट नहीं कर सकते।

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