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ट्रंप ने लिया फैसला, सऊदी के तेल प्लांटों पर हमले का देंगे जवाब

सऊदी अरब ड्रोन हमलों के बाद से बंद पड़े तेल प्लांटों को फिर से उत्पादन शुरू करने के लिए कोशिश तेज कर चुका है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वह तेल के प्लांटों पर होने वाले हमलों के लिए तैयार हैं। हम मुंहतोड़ जवाब देंगे।

डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, ‘सऊदी अरब में तेल प्लांटों पर हमला हुआ। हमारे पास यह मानने का वाजिब कारण है कि हम अपराधी को जानते हैं। यदि इसकी पुष्टि हो जाती है तो हम तैयार हैं, लेकिन हम इसके बारे में सऊदी से जानना चाहते हैं कि इस हमले का क्या कारण है।’

बता दें कि तेल प्लांटों पर हमले की जिम्मेदारी यमन में ईरान समर्थित विद्रोही संगठन हूथी ने ली थी। हूथी के एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा था कि सऊदी पर भविष्य में ऐसे और हमले हो सकते हैं।

हालांकि, अमेरिका के विदेशी मंत्री माइक पोम्पियो ने हमलों के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि हमला यमन से किया गया। पोम्पियो के आरोपों को निराधार बताते हुए ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि अमेरिका इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ कार्रवाई के लिए बहाना ढूंढ रहा है। एक शीर्ष ईरानी कमांडर ने यहां तक कह दिया कि हम अमेरिका से पूर्ण युद्ध के लिए तैयार हैं और हमारी मिसाइलों की जद में वाशिंगटन के सैन्य अड्डे और युद्धक पोत हैं।

संयुक्त राष्ट्र की तनाव कम करने की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटारेस ने कहा कि तेल प्लांटों पर हुए हमले की निंदा की है। साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से तनाव बढ़ने से रोकने की अपील की है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑन ग्लोबल एनर्जी पॉलिसी के प्रोगाम डायरेक्टर रिचर्ड ने कहा कि अगर तेल प्लाटों पर हमले के पीछे ईरान का हाथ है तो उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति से नहीं मिलेंगे रूहानी

संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से इतर ट्रंप से ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी के मिलने की योजना नहीं है। यूएन महासभा की आगामी बैठक से पहले ईरान ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मूसावी ने कहा, ‘हमने इस बैठक के लिए न तो योजना बनाई है और न तो मुझे लगता है कि न्यूयॉर्क में ऐसा कुछ होने जा रहा है।’ ईरान ने कहा कि जब तक अमेरिका उसके ऊपर लगाए आर्थिक प्रतिबंधों को हटाता नहीं है, तब तक वाशिंगटन के साथ कोई वार्ता नहीं हो सकती है।

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