राष्ट्रीय

सर्जिकल स्ट्राइक दिवस’ मनाने पर कांग्रेस ने उठाए यें सवाल

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्चतर शिक्षण संस्थानों को गुरुवार को निर्देश दिए हैं कि वह 29 सितंबर को ‘सर्जिकल स्ट्राइक दिवस’ के तौर पर मनाएं। आयोग ने दिवस मनाने के लिए सशस्त्र बलों के बलिदान के बारे में पूर्व सैनिकों से संवाद सत्र, विशेष परेड, प्रदर्शनियों का आयोजन और सशस्त्र बलों को अपना समर्थन देने के लिए उन्हें ग्रीटिंग कार्ड भेजने समेत अन्य गतिविधियां बताई हैं।

यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को सर्कुलर जारी किया है। जिसमें उनसे 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक डे पर होने वाली गतिविधियों की जानकारी मांगी है। भारत सरकार ने 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक डे मनाने का फैसला किया है। केंद्र सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने सवाल उठाए हैं।

कपिल सिब्बल ने कहा, यह पूरी तरह से हैरानी वाला है। कपिल सिब्बल ने सवाल किया कि क्या यूजीसी आठ नवंबर को हुई नोटबंदी को भी ‘सर्जिकल स्ट्राइक दिवस’ के रूप में मनाने की हिम्मत करेगा।
पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री सिब्बल ने कहा, ‘‘यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक दिवस के रूप में मनाएं। क्या इसका मकसद लोगों को शिक्षित करना है या फिर भाजपा के राजनीतिक हितों की पूर्ति करना है?’’

उन्होंने पूछा, ‘‘क्या यूजीसी आठ नवंबर (नोटबंदी का दिन) को लोगों की उनकी जीविका से उपेक्षित किए जाने को भी सर्जिकल स्ट्राइक दिवस के तौर पर मनाने की हिम्मत करेगा?’’

वहीं पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी ने शुक्रवार को कहा कि यूजीसी द्वारा सभी विश्वविद्यालयों में 29 सितंबर को ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ मनाने का निर्देश भाजपा के एजेंडा का हिस्सा है और राज्य में शैक्षणिक संस्थान यह दिवस नहीं मनाएंगे। शिक्षा मंत्री चटर्जी ने भाजपा नेतृत्व वाले केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा नीत केंद्र सरकार थल सेना की ‘छवि खराब करना और उसे राजनीतिक रंग’ देना चाहती है। उन्होंने कहा, ‘यह भाजपा का एजेंडा है और चुनाव से पहले वह यूजीसी का इस्तेमाल करते हुए अपने इस एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहती है। यह शर्म की बात है कि राजग अपने राजनीतिक एजेंडे को हासिल करने के लिए यूजीसी का इस्तेमाल कर रही है।’

इस मामले पर मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि हमने इसे अनिवार्य नहीं बनाया है। उन्होंने कहा, ‘हमने संस्थानों या छात्रों पर कोई बाध्यता नहीं लगाई है। हमने यह कार्यक्रम आयोजित किया है क्योंकि हमें बहुत से छात्रों और अध्यापकों से सुझाव मिले थे कि उन्हें सर्जिकल स्ट्राइक की दूसरी सालगिरह मनाने की जरूरत है। 29 सितंबर को जो कॉलेज चाहते हैं हमने उन्हें पूर्व-सेना के अधिकारी के एक लेक्चर का इंतजाम करने के लिए कहा है। जो बच्चों को बताएंगे कि कैसे सुरक्षाबल देश की रक्षा करते हैं और किस तरह से सर्जिकल स्ट्राइक की जाती है।’

बता दें कि यूजीसी द्वारा विश्वविद्यालयों को भेजे पत्र में कहा गया है, ‘इंडिया गेट के पास 29 सितंबर को एक मल्टीमीडिया प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह की प्रदर्शनियों का आयोजन राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, अहम शहरों, समूचे देश की छावनियों में किया जा सकता है। इन संस्थानों को छात्रों को प्रेरित करना चाहिए और संकाय सदस्यों को इन प्रदर्शनियों में जाना चाहिए।’

University Grants Commission (UGC) issues circular to vice chancellors of all universities, provides list of activities which maybe undertaken on 29th September following Govt of India’s decision to celebrate it as ‘Surgical Strike Day’. pic.twitter.com/eJ3PxCRdFY

View image on Twitter

It is absolutely shocking. In fact, I don’t think since independence, we have seen UGC giving any kind of directive of this nature to universities. For UGC, to give a directive is destroying the very independence of the university system: Kapil Sibal, Congress pic.twitter.com/jIhzkNBmaN

View image on Twitter

We have not made any compulsions on institutions or students. We have issued a program because of suggestions from many students & teachers that they need to commemorate the second anniversary of surgical strike: Union HRD Minister Prakash Javadekar on circular pic.twitter.com/L4aAWi7Inf

View image on Twitter

On 29th Sept (anniversary of surgical strike), we have asked colleges, those who want to, can arrange a lecture by ex-army officers who can tell the students how defence forces defend the country and how the surgical strike was conducted: Union HRD Minister Prakash Javadekar pic.twitter.com/PZHgPhUX9H

View image on Twitter

Related Articles