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कश्मीर के नाम पर अफवाह फैलाकर शोहरत पाने की इच्छा रखने वाली शेहला का विवादों से है पुराना नाता

जम्मू कश्मीर में अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। घाटी में स्कूल खोल दिए गए। सरकारी दफ्तर भी खोल दिए गए। लेकिन जिन्हें 370 पसंद है उन्हें तेजी से घाटी के सामान्य होते हालात पसंद नहीं आ रहे हैं। अलगाववादी सोच वाले लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं चाहे वो कश्मीर में बैठे लोग हों या फिर दिल्ली में बैठी शेहला रशीद हो। जेएनयू छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद ने सेना पर संगीन आरोप लगा दिए। शेहला के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट के वकील ने दिल्ली पुलिस कमीश्नर से शिकायत कर गिरफ्तारी की मांग की है। सेना ने खुद कहा कि उनके आरोप गलत हैं। शेहला ने सेना पर बेबुनियाद आरोप लगाने वाले और ऐसे दावे करने वाले एक नहीं बल्कि दस ट्वीट किए। 

शेहला के आरोपों को सेना पहले ही खारिज कर चुकी है। हर तरफ से घिरने के बाद शेहला सफाई दे रही हैं कि मेरे सारे ट्वीट्स लोगों से बातचीत के आधार पर हैं। मैंने प्रशासन के अच्छे कामों को भी हाईलाइट किया है। सेना को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। मैंने जितनी घटनाओं के बारे में लिखा है सबका ब्यौरा शेयर करने के लिए तैयार हूं। शेहला द्वारा अफवाहों को फैलाना जिस पर देश की सेना को प्रतिक्रिया देकर मना करना पड़े कि अफवाहें बंद करो। 

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