वाराणसी जोन

देश मे अमन,चैन, तरक्की की दुआ लिए ईदगाहों में अदा की गई ईद-उल-अजहा की नमाज,शुरू हुआ कुर्बानियों का दौर

वाराणसी: काशी में कोई भी पर्व एकदम आस्था के साथ मनाया जाता है। उसी क्रम में बकरीद पर ईदगाहों और मसजिदों में सोमवार को ईद-उल-अजहा की नमाज पूरी अकीदत के साथ अदा की गई। खुदा की बारगाह में नमाजियों ने मुल्क की तरक्की, अमन-चैन के साथ बरकत और खुशहाली के लिए दुआ की।

सुबह से ही ईदगाहों पर मेले जैसे माहौल के बीच बच्चों का अपना अलग उत्साह था। नए परिधानों में सजे-धजे बच्चों ने गुब्बारों और अपने मनपसंद खिलौनों के अलावा अन्य सामान खरीदे। नमाज के बाद एक-दूजे को गले लगकर बधाइयां दी गईं। फिर खुदा की राह में कुर्बानी की रवायत पूरी की गई।

इन ईदगाहों और मस्जिदों में अदा की गई नमाज

काशी विद्यापीठ, लाट सरैया, नदेसर के अलावा अन्य मसजिदों पर सुबह तय समय से पहले ही नमाजियों का रेला पहुंचना शुरू हो गया था। भीड़ अधिक होने के चलते कई मसजिदों के बाहर कतार लगी। नई सड़क स्थित लंगड़ा हाफ़िज मसजिद, मसजिद हड़हा सराय, शाही मसजिद ज्ञानवापी, ईदगाह हकीम सलामत अली पितरकुंडा, ईदगाह काशी विद्यापीठ, नदेसर जामा मस्जिद, मसजिद मान की तकिया अमान उल्लाहपुरा में सभी मसजिदों और ईदगाहों में सुबह 6:35 से 11:00 बजे के बीच नमाज अदा कराई गई।

सुबह से ही ईदगाहों पर लग गई थी भीड़

सुबह से ही ईदगाहों पर मेले जैसे माहौल रहा। बच्चों का अपना अलग उत्साह था। नए परिधानों में सजे-धजे बच्चों ने गुब्बारों और अपने मनपसंद खिलौनों के अलावा अन्य सामान खरीदे। नमाज के बाद एक-दूजे को गले लगकर बधाइयां दीं। फिर खुदा की राह में कुर्बानी की रवायत पूरी की गई।

तीन दिन तक चलेगा कुर्बानी का दौर

नमाज अदा करने के बाद शहर भर में कुर्बानियों का दौर शुरू हुआ। बताते चले बकरीद के दिन मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह के नाम बकरे की कुरबानी देते हैं। कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। एक खुद के इस्तेमाल के लिए, दूसरा गरीबों के लिए और तीसरा संबंधियों के लिए। वैसे ज्यादातर लोग सभी हिस्सों का गरीबों में बांट देते हैं। कुर्बानी का सिलसिला तीन दिन तक चलेगा।

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