ज़रा-हटके

दवाओं,स्वास्थ्य सुविधाओं को तरसता टिकैतनगर सीएससी केंद्र

रिपोर्ट – राजेश शर्मा फक्कड़
बाराबंकी। टिकैतनगर हॉस्पिटल की यह दुर्दशा कि मरीजों के बेड पर चद्दर तक नहीं है मरीजों को बगैर चद्दर के भर्ती किया जा रहा है,लापरवाही का आलम यह है की मरीजों के बेड पर आवारा कुत्तों को लेटा हुआ देखा जा सकता है । कई बार शिकायतों के बाद भी इसी कड़ी में आज टिकैत नगर निवासी सोनू शर्मा पुत्र सूरज दीन शर्मा निवासी नूर वाफ के पेट में काफी दर्द था उनके परिजन सोनू शर्मा को लेकर सीएससी टिकैतनगर सुबह में पहुंचे ड्यूटी कर रहे डॉ अमित दुबे को बुलवाया लेकिन अमित दुबे मौके पर नहीं पहुंचे , मौके पर मौजूद कंपाउंडर ने भर्ती कर इलाज शुरू किया ,सीएससी अधीक्षक के कानों में जू तक नहीं रेंगता ।

मरीजो का अरोप है कि मौके पर मौजूद डॉ अमित दुबे कई बार बुलाने के बाद भी नहीं आए डॉक्टर राम रतन आए तब जाकर उस उस मरीज का इलाज सही तरीके से शुरू हो सका टिकैतनगर सीएससी का इतना बुरा हाल है कि मौके पर हॉस्पिटल के अंदर पैरासिटामोल भी उपलब्ध नहीं हो पाती डॉक्टर के द्वारा यह कहा जाता है पर्चा लिखकर अस्पताल के गेट पर मेडिकल स्टोर है जाकर वहां से दवा लिया क्योंकि इन लोगों का मेडिकल स्टोर से भारी कमिशन तय है ।

सूत्रों की मानें तो क्षेत्र में भारी गर्मी की वजह से डायरिया कालरा व अन्य बीमारियां अपना पैर पसार रही है लेकिन उनकी रोकथाम के लिए क्षेत्र में किसी भी प्रकार की दवा का छिड़काव व दवा का वितरण नहीं कराया गया । टिकैतनगर हॉस्पिटल के अंदर उलटी व दस्त की शिकायतों के मरीज आ रहे हैं लेकिन टिकैतनगर सीएससी के अधीक्षक हेमंत गुप्ता मामले को गंभीरता से नहीं लेते हुए अपनी खाऊ कमाऊ नीत में व्यस्त हैं कुत्ते के इंजेक्शन की यह दशा है कभी-कभार हॉस्पिटल के अंदर उपलब्ध पाया जाता है नहीं तो कुत्ते काटने वाले मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन उपलब्ध पैसा देकर करवाया जाता है ।

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