उत्तर प्रदेश

कानपुर चंदे से चल रहा है इलाज


रिपोर्ट विजय गुप्ता

कानपुर के नौबस्ता थाना अंतर्गत सिमरा गांव की एक घटना ऐसी घटी जिसे सुन व देख शायद इनके दर्द को आप भी महसूस कर सकेंगे जहां एक ओर हमारे देश की सरकार गरीबों और लाचारों को हर संभव प्रयास कर मदद पहुंचाने की कोशिश कर रही है वही एक बूढ़े बाप के उजड़े आशियाने और आग से झुलसे परिवार के लोगों का चंदे से इलाज करवाने पर मजबूर .

सुरेंद्र सिंह 62 वर्षीय व उनका पुत्र प्रिंस चौहान उम्र 26 वर्ष 22 जनवरी की वह मनहूस घड़ी जिस दिन मजदूरी कर बाप और बेटा रात 9:00 बजे अपने घर लौटे जब अपनी थकान को दूर करने के लिए सुरेंद्र सिंह का बेटा प्रिंस रसोई में चाय बनाने गया तभी दुर्भाग्यवश सिलेंडर से रिस रही गैस के कारण एक जोरदार ब्लास्ट हुआ जिससे 62 वर्षीय सुरेंद्र सिंह और उनका 26 वर्षीय पुत्र प्रिंस तथा प्रिंस के साथ उसका दोस्त आग की लपटों से घिर गए और मकान के मलबे के नीचे दब गए क्षेत्र के लोगों ने जब धमाका सुना तो वह सुरेंद्र के घर की ओर दौड़े डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद सुरेंद्र सिंह प्रिंस और उसके मित्र को मलबे से बाहर निकाल पाए तथा पुलिस को सूचना होने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां से उन्हें हैलट रेफर कर दिया गया हैलट में मामूली सा ट्रीटमेंट कर टरकांते हुए कहा गया कि अब इन्हें घर ले जाओ आग से बुरी तरह झुलसे सुरेंद्र और प्रिंस को तड़पता देख उन्हें कल्याणपुर स्थित आरसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया जहां उनका क्षेत्र के लोगों से चंदा कर इलाज हो रहा था तथा परिवार के बाकी बचे सुरेंद्र की पत्नी उनकी बेटी बहू व पोते जो घटना के वक्त पड़ोसी के घर किसी कार्य बस गए थे उन्हें अब अपने पड़ोसियों द्वारा दिए हुए खाने पर ही गुजर बसर करना पड़ रहा है गरीबी के चलते सुरेंद्र सिंह को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जब पत्रकार ने उनसे पूछा की क्या किसी प्रकार की शासन और प्रशासन से आपको कोई मदद मिली तो बुजुर्ग की आंखों से आशु निकलने लगे तथा दर्द भरी आवाज मे बोले कि अभी तक सिर्फ क्षेत्री सभासद के अलावा कोई झांकने नहीं आया पीड़ित की सरकार से अपील की क्या हम इंसान नहीं

Related Articles