ज़रा-हटके

UP में फेल है एंटी भू माफिया टॉस्क फोर्स, भू माफिया दे रहे CM योगी आदित्यनाथ को चुनौती

लखनऊ । यूपी चुनाव में भाजपा का भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई बड़ा मुद्दा था। सत्‍ता में आने के बाद सीएम योगी ने एंटी भू माफिया टॉस्‍क फोर्स का गठन किया और पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद जैसे कद्दावर के खिलाफ कार्रवाई हुई, तो एक ऐसा लगा मानों अब भू माफियाओं से निजात मिल जाएगी, लेकिन राजधानी लखनऊ में ही योगी की टॉस्‍क फोर्स पूरी तरह नाकाम है। मामला लखनऊ के पारा क्षेत्र के चुन्नू खेड़ा का है, जहाँ भू-माफिया आज भी सक्रीय है, अखिलेश सरकार में कई ज़मीनों पर कब्ज़ा और सरकारी ज़मीनों की प्लॉटिंग कर भेजने वाले ये भू- माफिया योगी आदित्यनाथ की सरकार में भी वैसे ही बदस्तूर सरकारी ज़मीनों पर अवैध कब्ज़ा कर प्लॉटिंग कर सरकार को चूना लगा रहे है, चुन्नू खेड़ा में श्री बालाजी एन्क्लेव में इन दिनों बड़ा खेल चल रहा है, बाला जी एन्क्लेव में खसरा नंबर 2869 के नाम पर सरकारी ग्राम समाज और ऊसर ज़मीन (खसरा नंबर 2855, 2874, 2875) पर अवैध पोल्टिन्ग की जा रही है, राजस्व विभाग भी सब कुछ जानकार अनजान बना हुआ है, करोड़ों की ज़मीन को ये भू माफिया बेच कर करोड़ों के वारे-न्यारे कर रहे हैं। पारा के चुन्नू खेड़ा में प्रॉपर्टी डीलर दिलीप यादव और आनंद यादव “श्री बाला जी एन्क्लेव” के नाम से अवैध ढंग से प्लॉटिंग कर कॉलोनी विकसित कर रहे हैं, खसरा नंबर 2869

सौ. से.- एलएनवी इण्डिया

“श्री बाला जी एन्क्लेव” के लोगों के नाम पर है जिसपर अवैध कॉलोनी बसाई जा रही है, यहीं नहीं प्रॉपर्टी डीलर दिलीप यादव और आनंद यादव ने खसरा नंबर 2869 से सटी ज़मीन (खसरा नंबर 2855, 2874, 2875) जोकि सरकारी दस्तावेज़ में ग्राम समाज, ऊसर, बंजर में दर्ज है उसको भी अवैध ढंग से बेच रहे हैं। खसरा नंबर 2855 ‘बंजर’ प्रमुख सचिव, पुलिस (गृह), विभाग उ.प्र.शासन के पक्ष में थाना पारा के प्रशासनिक भवन /कर्यालय के निर्माण हेतु दर्ज है, जबकि खसरा नंबर 2874 नगर विकास विभाग उ.प्र. शासन, मा. काशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना हेतु दर्ज है, वहीँ खसरा संख्या 2875 ‘ऊसर’ प्रमुख सचिव, पुलिस (गृह), विभाग उ.प्र.शासन के पक्ष में थाना पारा के प्रशासनिक भवन /कर्यालय के निर्माण हेतु दर्ज है, उसके बावजूद बेख़ौफ़ भूमाफिया इन ज़मीनों को खुले आम प्लॉटिंग कर योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौती दे रहे हैं। वैसे यह महज बानगी है जिले के अधिकतर गांवों में किसी न किसी रूप में भू माफियाओं ने कब्‍जा किया है, लेकिन न तो टॉस्‍क फोर्स काम कर रही है और ना ही तहसील प्रशासन। अधिकारियों पर भी शासन के आदेश का कोई असर नहीं है।

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